Wednesday, June 21, 2017

अपने बच्चों में भी डालिए YOGA HABITS


बदलती जीवनशैली और ख़ानपान के तौर तरीक़ों के बीच खुद को फिट रखने के लिए योग जरुरी है. यह सोचना कि योग केवल बड़ों के लिए या बीमार होने पर ही करना जरुरी है कहना गलत है. दरअसल यदि बच्चों में yoga habits बचपन से ही लग जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरुरी है. 
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग बेहद जरुरी है. इसलिए योग को स्कूलों के पाठ्यक्रम
में अनिवार्य रुप से शामिल किया जाना चाहिए. दरअसल स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकता है. योग की आसान क्रियाओं को बच्चे सहजता से कर सकते हैं और स्कूल में आदत पड़ने से वे ताउम्र इस आदत को बनाए रख सकते हैं.
डॉक्टर भी मानते हैं कि योग की अलग-अलग क्रियाओं में स्वस्थ रहने का मूलमंत्र है. इससे आत्मिक शांति के साथ बौद्धिक विकास भी होता है. यह हिंसा, उग्रता और बेचैनी को खत्म करता है और मन को शांत करता है. एनसीईआरटी ने सीबीएसई स्कूलों में योग को शुरु करने का निर्णय लिया है. वह इसे स्वास्थय और शारीरिक शिक्षा का अभिन्न भाग मान रही है. इसलिए मीडिल स्कूलों तक इसे अनिवार्य करने की बात कही है. वहीं केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को अपने स्कूल सिलेबस में योग शामिल करने का अनुरोध किया जा चुका है. जबकि उत्तर प्रदेश सरकार योग को राज्य के सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने का ऐलान भी कर चुकी है.
दरअसल अगर कोई रोजाना योग करे और इसे अपने डेली रुटीन का हिस्सा बनाए तो इसके कई लाभ हो सकते हैं. स्वास्थय लाभ के अलावा ध्यान केंद्रित करने, पाचन क्षमता बढ़ाने और उर्जा वृद्धि में भी यह सहायक होता है. इसलिए पढ़ने वाले या परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए योग का विशेष लाभ है. इससे ध्यान केंद्रित करने में उन्हें बहुत मदद मिलती है. yoga habits से मन और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कह सकते है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थय के लिए रामबाण का काम करता है.
योग से बच्चों के वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है. आजकल फास्ट फूड के कारण बच्चों का बढ़ता वजन और छोटी उम्र में ही डायबिटीज औऱ मोटापे के कारण होने वाली कई बीमारियों के चपेट में आने के मामले काफी बढ़ रहे हैं. ऐसे में नियमित योग करने वाले बच्चे अपने वजन को बढ़ने से रोक सकते हैं. इससे शरीर लचीला भी रहता है.
पढ़ाई का बोझ, प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने का तनाव और स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करने की चिंता बच्चों में दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. ऐसे में yoga habits से तनावमुक्त और ताजगी बरकरार रखने में मदद मिलेगी क्योंकि योग कठिन परिस्थिति में भी हिम्मत से काम लेने और आगे बढ़ने का साहस देता है.
आज की भागमभाग जिंदगी में बड़ों की तरह बच्चों की जिंदगी भी काफी व्यस्त हो चुकी है. पहले स्कूल होमवर्क, फिर ट्यूशन और दूसरी गतिविधियों में शामिल होने से उन्हें काफी थकान होती है. ऐसे में योग के जरिए उन्हें ऊर्जा मिलती है जिससे वे अपना बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसलिए अपने बच्चों को योगा करने के लिए प्रेरित कीजिए.

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