Tuesday, August 15, 2017

PM ने किया TRIPLE TALAQ के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली महिलाओं का अभिनंदन

70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Triple  Talaq के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली महिलाओं का अभिनंदन किया. प्रधामंत्री ने कहा, भविष्य के निर्माण में माताओं-बहनों का योगदान अहम होता है. मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो तीन तलाक से...

Wednesday, August 9, 2017

जरा सोचिए, क्या औरत सचमुच एक शरीर भर है आपके लिए ?


स्त्री लेखको को जो लानतें- मलानतें पिछले दिनों भेजी गईं , उसका निरपेक्ष विश्लेषण कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है. साथी पुरुषों से अनुरोध है कि जरा रुक कर सोचें –
क्या आपको सचमुच यह लगता है कि स्त्रियां सिर्फ शरीर हैं? उनमें सिर्फ पाशविक संवेदनाएं हैं और निरपेक्ष निर्णय का विवेक उन्हें छू तक नहीं

सैंडिल मार्च की जगह CANDLE MARCH क्यों निकालते हैं?

एक चमन बहार नेता उठकर आता है और मायावती जैसी सशक्त औरत को भी वेश्या कहकर चला जाता है. दिल्ली पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित बयान देकर जाती हैं कि उन्हें भी असुरक्षा महसूस होती है दिल्ली की सड़कों पर. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की कीमत गुरमेहर कौर बलात्कार की धमकियां सुनकर

Monday, August 7, 2017

#‎meriraatmeriraah‬’ क्या आप भी निकलेंगी शनिवार की रात में सड़कों पर?

वर्णिका की क्या ग़लती थी. यही कि वह रात में सड़क पर निकली. क्या इसलिए किसी को भी यह खुली छूट मिल गई कि कोई उसका पीछा करे या उसके अपहरण की कोशिश करे. क्या किसी लड़की के रात में अकेले निकलने पर किसी की मर्द को उस औरत का अपहरण कर लेने, उसका रेप करने और उसे मार कर फेंक देने की छूट मिल जाती है? पुरुषों की इसी मानसिकता को चुनौती देने के लिए महिलाओं ने एक दिन रात में सड़क पर निकलने का फैसला किया है. Social Media पर ‪#‎meriraatmeriraah’ का Campaign चलाया जा रहा है जिसके तहत महिलाएं रात में दिल्ली में सड़कों पर निकलेंगी. सोशल मीडिया पर चल रहे इस कैंपेन को महिलाओं का खूब समर्थन मिल रहा है.  
इस कैंपेन पर रीवा सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है- बस अभी घर में कदम रखा है 11:40 बजे. ये कोई वक़्त है? हां, क्योंकि दिन ढल जाने के बाद भी वक़्त ज़िंदा रहता है. मैं रातों को जी भरकर जीती हूं, खुद में भर लेना चाहती हूं. अब भी अक्सर ही रात में 11-12 बजे एमजी रोड मेट्रो स्टेशन से घर (डीएलएफ़ फेज़ 2) तक पैदल ही आती हूं. सड़क पर कोई नहीं दिखता सिवाय वॉचमैन के तब मुझे मैं दिखायी देती हूं.
वर्णिका से जो सवाल किये जा रहे हैं वो धरती की हर दूसरी लड़की से पूछ-पूछकर घिस दिए गए हैं. रात के सवा बारह बजे बाहर क्यों? ये सवाल अपने कुलदीपक राज-दुलारों से नहीं पूछा जाता. हमसे पूछा जाता है- तो जवाब है-
# ताकि ये सड़कें रात में भी सड़कें ही बनी रहें.
# ताकि हमारे दिन में भी कुल 24 घण्टे हों.
# क्योंकि सड़कों का टैक्स हम भी देते हैं.
# क्योंकि दिन ढलने के बाद इन सड़कों पर खतरे का साइनबोर्ड नहीं लगाया जाता. 

तो अब हम निकलेंगे रातों को, एक दिन नहीं अक्सर ही, ताकि इन्हें आदत पड़ जाये हमें देखने की. हम निकलेंगे सड़कों पर बिना किसी काम के क्योंकि लड़कियों के निकलने से पहले ही ये सवाल दागा जाता है कि- ऐसा कौन-सा ज़रूरी काम था. दिन तय कर लेते हैं, मेरे मुताबिक 12 अगस्त ठीक रहेगा, शनिवार है. रात का वक़्त है तो सभी फ्री रहेंगे. सभी लड़कियां दिल्ली के अलग-अलग कोनों से अपने मोहल्लों में निकलें. मुझे लगता है पहली बार सभी एक ही जगह आएं, फिर अपने हिसाब से घूमते रहेंगे. जगह इंडिया गेट या जंतर-मंतर या कोई भी पार्क हो सकता है. बिना तैयार हुए घर के कपड़ों में सहज रूप में निकलें. साथ में स्नैक्स, पानी की बोतल और मच्छरों से बचने के लिए ओडोमोस वगैरह रख सकते हैं. रातभर गपशप करें, गाएं, बजाएं, मस्ती करें. ऐसा ही दूसरे क्षेत्रों में रह रही लड़कियां भी कर सकती हैं. चलिये, निकलते हैं.
वहीं गीता यथार्थ यादव लिखती हैं- आओ सड़क पर चले, 
हर घटना के बाद पूछा जाता हैं—  रात को बाहर क्या कर रही थी. !!?? चलो सहेलियों, रात बताओ. 
किस रात दिल्ली की सड़कों पर उतरा जाये. करेंगे क्या? कुछ नहीं, घर से पानी का बोतल लाना, चिप्स भी. रात भर सड़कों पर इधर से उधर घूमेंगे.

क्या आप तो बड़े होटल्स में जूठा और बासी खाना तो नहीं खाते ?


अगली बार कहीं बाहर जाएं तो सोचिएगा. कुछ दिन पहले एक परिचित दावत के लिये उदयपुर के एक मशहूर रेस्टोरेंट में ले गए. मैं अक़्सर बाहर खाना खाने से कतराता हूं किन्तु सामाजिक दबाव तले जाना पड़ा. आजकल पनीर खाना रईसी की निशानी है इसलिए उन्होंने कुछ डिश पनीर की ऑर्डर की. प्लेट में रखे पनीर के अनियमित टुकड़े मुझे कुछ अजीब से लगे.

Thursday, August 3, 2017

"बेबी बॉटल " ख़त्म करने के लिए भारत क्या नार्वे के रास्ते पर चल सकता है ?

नार्वे में में बच्चे के दूध के लिए ‘बेबी बॉटल ’ ढूंढना दुर्लभ कह सकते हैं. डिजाइनदार तो छोड़ ही दें. वहां बोतल से दूध पीते बच्चे बस-ट्रेन कहीं नहीं मिलते. हर सार्वजनिक स्थलों और ऑफिसों में स्तनपान के कमरे हैं.
मेरी एक कर्मचारी जब लगभग एक साल की छुट्टी के बाद लौटीं, ‘रोस्टर’ बना. मैने देखा कि एक घंटे के दो ‘पॉज़’ हैं. मुझे समझ नहीं आया, फिर देखा ‘अम्मो’ लिखा है, मतलब स्तनपान का

Tuesday, July 25, 2017

क्या सुप्रीम कोर्ट भी चंडीगढ़ की इस बच्ची को एबार्शन की इजाज़त नहीं देगा ?

दस साल की एक बच्ची से उसका एक रिश्तेदार लगातार सात महीनों तक ‘गंदा खेल’ खेलता रहा. अब वो बच्ची अपने पेट में 26 हफ्ते का गर्भ लेकर अदालत पहुंची है. उसकी मांग है कि उसे गर्भपात की इजाजत

Friday, July 21, 2017

महिलाओं की #NaturalSelfie को लेकर बाज़ार परेशान, लेकिन मर्द हैं क्यों साथ ?

प्रतिभा ज्योति:
इन दिनों सोशल मीडिया पर #NaturalSelfie की खूब चर्चा हो रही है. इस कैंपेन के तहत महिलाएं अपनी नैचुरल सेल्फी यानी बिना मेकअप वाला अपना फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर रही हैं. मकसद है यह बताना कि आखिर कितना भी मेकअप कर लो, व्यक्ति की आंतरिक सुंदरता का मुक़ाबला कोई नहीं कर सकता. यह मुहिम उन लोगों को एक संदेश

Thursday, July 20, 2017

पंजाबी कुड़ी ने 6 बार की world champion आस्ट्रेलिया के कैसे छुड़ाए छक्के ?

ICC Women’s Cricket World Cup 2017 के सेमीफ़ाइनल में धमाकेदार बल्लेबाज़ी की बदौलत भारतीय खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर सोशल मीडिया के Top Trends में छा गई. उनके प्रशंसकों की तादाद उसके रन बनाने की रफ्तार की  तरह

"राम " राज में अब क्या नया पकेगा राष्ट्रपति भवन की किचन में ?


प्रतिभा ज्योति:
भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को शपथ लेंगें. नए राष्ट्रपति के आने के साथ President House में जो सबसे बड़ा बदलाव अक्सर होता है वो है Kitchen में. नए राष्ट्रपति की पसंद और नापसंदगी के आधार पर सबसे पहले किचन में बदलाव किया जाता है ,क्या राष्ट्रपति सिर्फ़ शाकाहारी भोजन

Sunday, July 16, 2017

''KBC '' वाली मैडम मध्यप्रदेश में "ट्रांसफर मैडम" कैसे हो गईं ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिलाओं को आगे बढ़ाने के अभियान को रोकने या उस पर लगाम लगाने वालों की कमी नहीं है. MP में बीजेपी के शिवराज सिंह के राज में एक महिला अफसर ने बार-बार होने वाले अपने ट्रांसफर से तंग होकर अब सीधे प्रधानमंत्री का दरवाज़ा खटखटाया है और उम्मीद की है कि उन्हें

एयरफोर्स में पूजा ठाकुर अब फिर से उड़ान भर सकेंगी



इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर पूजा ठाकुर फिर से उड़ान भर सकेंगी. मिलिट्री कोर्ट ने Air Force को अपने फैसले में आदेश दिया है कि वह पूजा ठाकुर को बिना किसी “ Ill Will” के स्थायी कमीशन में

पीरियड्स में क्या पापा को पानी भी नहीं पिला सकती ?


श्रुति गौतम:

आज भी हमारे छोटे से कस्बे में पीरियड्स खुसुर-पुसुर करने वाला ही विषय है. आज भी लड़कियों को इन दिनों के दौरान शारीरिक तकलीफों के साथ-साथ मानसिक तकलीफों से गुजरना पड़ता है. आज भी घर जाकर हम बता दें कि पीरियड्स चल रहे हैं तो हमारा सोने के बिस्तर से लेकर खाने की प्लेट तक अलग कर दी जाती है. आज भी लड़कियां इस बारे में बात करती झिझकने लगती हैं. वहां आज भी लगभग हर घर की मां लड़कियों को इशारों में, दबी आवाजों में

Saturday, July 15, 2017

क्या बेटी मां से कर सकती है BEDROOM की बातें?

क्या हमारे घरों में Sex पर खुलकर बात होती है? वह भी मां-बेटी के बीच या बाप-बेटे के बीच? क्या हम ऐसी बातचीत को सामान्य रुप से ले सकते हैं? ब्लश चैनल एक नया वीडियो ले आया है जिसमें हनीमून से लौटी बेटी अपनी मां के साथ अपने Bedroom की बातें शेयर कर रही है.
आठ मिनट की इस फ़िल्म को किचन टेबल के आसपास फ़िल्माया गया है “khane Me Kya Hai” नाम की इस वीडियो में किचन रेसिपी पर चर्चा करते हुए एक बेटी अपनी मां के साथ, हनीमून के एक्सपीरियंस

RAPE पर बयान देकर कैसे मुश्किल में फंसी बीजेपी सांसद RUPA GANGULY


एक ज़माने तक टीवी सीरियल्स की चर्चित चेहरा रहीं और अब पश्चिम बंगाल से बीजेपी की सांसद रूपा गांगुली Rape पर दिए अपने ही बयान को लेकर मुश्किल में पड़ गई हैं. बताया जाता है कि  एक महिला की शिकायत पर उनके ख़िलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
बंगाल  के कई इलाकों में काफी दिनों से चल रही हिंसा पर बीजेपी सांसद रूपा  गांगुली ने

Wednesday, July 12, 2017

अचानक कोई कैसे सामने आ गई संजय गांधी की बेटी बन कर ?

ज़्यादातर ख़ुलासे ऐसे होते हैं जिनसे किसी एक राजनीतिक पार्टी को परेशानी होती है तो दूसरी विरोधी पार्टी उस पर हंगामा करती है- शोर मचाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से एक मामले ने देश की दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी के लिए परेशानी पैदा कर रखी है. यह मसला है कांग्रेस के नेता रहे संजय गांधी

सेंसर बोर्ड ने "इंदू सरकार" में 14 कट लगाने के लिए क्यों कहा मधुर भंडारकर को ?

चांदनी बार, सत्ता और पेज 3 जैसा बेहतरीन फिल्में बनाने वाले Madhur Bhandarkar अब एक नई फिल्म ‘Indu Sarkar’ लेकर आ रहे हैं, जिस पर विवाद भी शुरु हो गया है. Central Board of Film Certification ने उन्हें फिल्म में RSS, Akali Dal और गायक किशोर कुमार के References को मिलाकर कुल 14 Cut लगाने को कहा है. फिल्म के बारे में मधुर भंडारकर बताते

Tuesday, July 11, 2017

उफ! नेपाल में चौपदी प्रथा से औरतों को क्या -क्या सहन करना पड़ता है ?

नेपाल में चौपदी प्रथा के नाम पर महिलाओं की जान जाने का सिलसिला जारी है. इसी कुप्रथा के चक्कर में एक और लड़की अपनी जान से हाथ धो बैठी है. नेपाल के दैलेख जिले की 18 साल की तुलसी शाही को चौपदी के नाम पर एक झोपड़ी में रहने पर मजबूर किया गया जहां उसे दो बार सांप ने काटा और इसके बाद उसकी मौत हो गई. सांप काटने के बाद उसे अस्पताल न ले जाकर सपेरे के पास ले जाया और झाड़ फूंक का सहारा लिया गया. यह सब छह घंटे तक चला और हालत बिगड़ने पर जब तुलसी को अस्पताल ले जाया गया तो उसने दम तोड़ दिया.
क्या है चौपदी
चौपदी नेपाल में बरसों से चली आ रही एक परंपरा है जिसमें पीरियड्स के दौरान

Monday, July 10, 2017

#LIPSTICKREBELLION: SOCIAL MEDIA पर क्यों दिखा रही हैं MIDDLE FINGER?

अपने बोल्ड सीन्स और डॉयलॉग्स के चलते विवादों में फंसी फिल्म ‘ लिपिस्टक अंडर माई बुर्का’ की रिलीज़ का रास्ता साफ़ हो चुका है. पिछले दिनों सेंसर बोर्ड को इस फिल्म की रिलीज़ को हरी झंडी दिखानी पड़ी जिसके बाद रिलीज़ हुए फिल्म के ट्रेलर को जबरदस्त पसंद किया गया. इस बात से फिल्म से जुड़े लोग

एनआरआई से शादी करने से पहले ध्यान रखें 5 ज़रुरी बातें

प्रियंवदा सहाय:
विदेशों में बसे हिन्दुस्तानियों यानी एनआऱआई से शादी का क्रेज़ बढ़ता जा रहा है. लड़की वालों को शादी के लिए डॉलर और पॉउंड  में कमाने वाले लड़के ,लाखों रूपए के पैकेज वाले घरेलू लड़कों से ज्यादा पसंद आ जाते हैं. लेकिन क्या आप ये जानती हैं कि अच्छी तरह जांचे-परखे बगैर की गई इस तरह की शादियां मुसीबत का सबब बन सकती है. रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें पैसों के लालच, जबरन या किसी और कारणों से एनआरआई लड़के शादी

Saturday, July 8, 2017

Parenting के सही फार्मूले के 10 अहम टिप्स



मेरी नई पड़ोसन अक्सर अपने दो साल के बेटे की बातें मुझसे शेयर करती रहती हैं. वे पूछती हैं कि पेरेन्टिंग का सही तरीका और फार्मूला क्या है? वे इस चिंता में है कि बच्चे की परवरिश किस तरह की जाए?  मैं भी छह महीने के बच्चे की मां हूं. मेरा भी इस मामले में ज्यादा अनुभव नहीं हां लेकिन मैंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है जिसने हम तीन बहनों की परवरिश कुछ इस तरह से की आज हम न केवल अपने पैरों पर खड़े हैं बल्कि समाज में

Friday, July 7, 2017

सच मानिए , मॉं-बाप की शादी में यहां बच्चे भी शामिल हो जाते हैं

राजस्थान के सिरोही जिले में गरासिया जनजाति (Garasia Tribes)  है, जिन्हें “कुंवारे देश का आदिवासी” कहा जाता है, क्योंकि इनकी मुख्य विशेषता इनकी परम्परा है. इनके प्रचलित मेले में अविवाहित लड़के-लड़कियां एक दूसरे को पसंद कर भगाकर छोटी उम्र में ही married life करने

Thursday, July 6, 2017

क्या आप Selfie Addiction में खुद को तो नहीं खो रहे ?

Smartphone इस्तेमाल करने वाले लोगों में ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसने Selfie का नाम न सुना होगा. आज क्या बच्चे, क्या बूढ़े, क्या लड़कियां, क्या नौजवान..सबपर बस सेल्फी लेने की धुन सवार है. खाते-पीते हुए, सोते हुए, दोस्तों के साथ तफरीह हो या कोई बड़ा या छोटा मौका.. हर कोई बस सेल्फी लेने में ही लगा रहता है. सेल्फी के चलन को Social Media ने और हवा दी. Facebook, Instragram पर सेल्फीज

CBFC ने INTERCOURSE के CONTEXT को ग़लत समझा-SHAH RUKH

आमतौर पर पारिवारिक फिल्में करने वाल शाहरुख को इन दिनों एक शब्द Intercourse ने परेशान कर रखा है. CBFC ने इस शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई है. Shah Rukh Khan की नई फिल्म ‘Jab Hary Met Sejal’  के Intercourse  एक ट्रेलर में Anushka Sharma ने इंटरकोर्स शब्द का इस्तेमाल किया है. इस पूरे मामले पर शाहरुख खान से Womenia संवाददाता Runa Ashish से कहा कि Central Board  of Film Certification (CBFC) ने इस शब्द का context ठीक से नहीं समझा. हम Film

Wednesday, July 5, 2017

OFFICE में POSITIVE ENERGY के लिए 7 ज़रुरी बातें


आफिस में काम की डेडलाइन्स, जबरदस्त काम का दबाव, सख्त बॉस और ऑफिस पॉलिटिक्स. आप कामकाजी महिला हैं तो इन सभी परेशानियों से आपको रोज़ ही दो चार होना पड़ता होगा. लेकिन इन बातों को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है यदि आप के पाए कुछ सकारात्मक चीजें हों. ऐसी चीज़ें जो आपको पॉज़िटिव एनर्जी

क्यों जरुरी होगा 30 दिनों के अंदर MARRIAGE REGISTRAION कराना?


अब शादी के 30 दिनों के अंदर Marriage Registration करवाना ज़रुरी हो जाएगा. साथ ही इसे Aadhaar card के साथ लिंक किया जा सकता है. केंद्र सरकार जल्द ही इस पर नया कानून ला सकती है. Law commission की एक रिपोर्ट को आधार बनाकर

मौका मिले तो क्यों देखें DHARAVI और HORSES OF GOD


दिल्ली में इन दिनों चल रहे आठवें राष्ट्रीय जागरण फिल्म समारोह में चुनिन्दा भारतीय और अन्तरराष्ट्रीय फिल्मों को देखने का मौका मिल रहा है. इसमें दो फिल्में "धारावी"  और ‘ हॉर्सेज ऑफ गॉड’  देखने का मौका मिला. इन दोनों फिल्मों की चर्चा बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये दोनों ही फ़िल्में समाज के उस तबके की नुमाइंदगी करती हैं जो अक्सर अभावों में ज़िन्दगी बसर कर देता है. इन लोगों के हालात बदलने के लिए कोई भी  सरकार या राजनैतिक ताकत

Tuesday, July 4, 2017

क्यों बढ़ रहा है HIP- DIPS दिखाने का TREND ?

आजकल जहां सेलेब्स सोशल मीडिया पर अक्सर लुक्स और फिगर के कारण ट्रोलिंग का शिकार हो जाते हैं. मोटापे, टमी और ज्यादा दुबले होने के कारण भी उन्हें बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ता है. वहीं, इतनी नेगेटिविटी के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर नया और पॉजिटिव ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है. खासकर इन्स्टाग्राम पर लड़कियां हिप डिप्स की फोटोज पोस्ट कर रही हैं.
आप सोच रही होंगी कि आखिर ये हिप डिप्स क्या है? हिप डिप्स दरअसल

Monday, July 3, 2017

अगर वो मुसलमान होती, तो कैसा महसूस करती ?


एनडीटीवी में अरसे तक रही पत्रकार बरखा दत्त अपनी बेबाकी और साफगोई के लिए जानी जाती हैं. अक्सर वे विवादों में भी रहती हैं.हाल में उन्होंनें अंग्रेज़ी पत्रिका द वीक में एक लेख लिखा है कि अगर वो मुसलमान होतीं तो कैसा महसूस करती . इस लेख के बहाने उन्होंनें हिन्दुस्तान में मुसलमानों के हाल को समझाने की कोशिश की है ,लेकिन जब उन्होंनें इस लेख को सोशल मीडिया पर ट्वीट किया तो उनको ट्रौल करने वालों

Sunday, July 2, 2017

आप बताइए,क्या Gynaecologist के पास जाने के लिए मॉं का साथ होना ज़रुरी है ?


रोज़ाना ख़बरों में तो सुनती भी हूं, पढ़ती भी हूं तो लगता है कि हमारा देश आगे बढ़ रहा है तेजी से. सोच-समझ भी बदली है और लड़कियों को लेकर नजरिया भी शायद बदला होगा, लेकिन मेरा अपना अनुभव इससे कुछ अलग ही रहा. मैंनें अभी दिल्ली के एक मशहूर कॉलेज से ग्रेजूएशन किया है और मुझे लगता है कि कालेज लाइफ में तो हर किसी का अफयेर

कैसे INDIAN बेटियों ने लिया क्रिकेट में PAKISTAN से हार का बदला ?

WOMEN WORLD CUP में INDIAN WOMEN CRICKET टीम ने पाकिस्तान को 95 रनों से हरा दिया. इंडियन वूमेन क्रिकेट टीम की यह धमाकेदार और शानदार जीत मानी जा रही है. भारत ने 169 रन बनाए थे. पाकिस्तान ने 74 रन बनाए. हालांकि किसी भी महिला खिलाड़ी ने बड़ा स्कोर नहीं खड़ा किया लेकिन एकता बिष्ट ने

Saturday, July 1, 2017

एक लाख लोगों ने SEJAL के “INTERCOURSE” पर सेंसर बोर्ड को क्यों कहा – “YES”

फ़िल्म उड़ता पंजाब , अलीगढ़ और फिर लिपस्टिक अंडर माई बुर्का पर अपनी संस्कारी कैंची चलाते हुए सेंसर बोर्ड के मुखिया पहलाज निहलानी  ने इस बार जब शाहरुख की आने वाली फ़िल्म  “ जब हैरी मेट सेजल के ट्रेलर पर अपनी कैंची चलाई तो वे फंस

क्या आप INDIA VS PAKISTAN के बीच इस मुक़ाबले को देखेंगे?

महिला वर्ल्ड कप क्रिकेट में इंडियन वूमन टीम शानदार खेल रही है. आज भारतीय टीम का मुक़ाबला पाकिस्तान की टीम के साथ है. इससे पहले इंडियन टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत दर्ज कर चुकी है. इस मैच का प्रसारण दोपहर दो 2.50 से स्टार स्पोर्टस पर होगा. क्या आप देखेंगे इस मुक़ाबले को
पाकिस्तान के साथ इंडियन टीम पहले भी 9 बार वनडे खेल चुकी है और हर बार जीत हासिल की. दोनों टीमें आखिरी बार पिछले साल हुए T-20 विश्व कप में साथ खेली थी लेकिन इंडियन टीम हार गई थी. वूमेंस वर्ल्ड कप में इंडियन टीम अपने परफॉर्मेंस के कारण 4 अंकों के साथ चौथे नंबर है. पर जबकि पाकिस्तान की टीम 8वें पर है.
इंडियन टीम ने शुरुआत में इंग्लैंड को 35रनों से हराया और इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम को सात विकेट से परास्त किया. इंडियन कैप्टन मिताली राज और सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना पर सबकी नजरें होंगीं. स्मृति मंधाना पूरे जोश में है और विरोधी खिलाड़ियों पर भारी पड़ रही हैं. इंडियन टीम की परफॉर्मेंस को देखते हुए उसे जीत का दावेदार माना जा रहा है. दूसरी तरफ पाकिस्तानी कैप्टन सना मीर भी जीत का इंतजार कर रही हैं. यह टीम दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से दो मैच हार चुकी है.   
अफसोस है कि देश में पुरुष क्रिक्रेट को जितनी

Friday, June 30, 2017

क्यों बढ़ रहा है महिलाओं के BRANDED कपड़ों का MARKET?

वर्किंग वूमेन की बढ़ती संख्या और उनके ख़र्च करने की क्षमता ने देश में ब्रांडेड कपड़ों के बाज़ार को अच्छी खासी रफ़्तार दे दी है. महिलाओं के रोज़ बदलते फ़ैशन ट्रेंड से बाज़ार के विकास दर में काफ़ी तेज़ी आई है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सात से आठ सालों में पुरूषों के फ़ैशनेबल कपड़ों के बाज़ार की तुलना में महिला ब्रांडेड परिधान बाज़ार कहीं आगे निकल जाएगा. खासतौर पर लड़कियों के एथनिक वियर और वेस्टर्न वियर कपड़ों को पहनने की चाहत ने देसी बाज़ार में विदेशी ब्रांडों की धूम मचा दी है.
ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि एवेंडस कैपिटल की रिपोर्ट कह रही है. इसके हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में महिलाओं के ब्रांडेड कपड़ों का बाजार बढ़ रहा है.
इस बाजार के बढ़ने के कारण को कुछ इस तरह समझिए–
1-भारत में विदेशी ब्रांडेड कपड़ों की धूम है.
2- महिलाओं के ख़र्च करने की क्षमता में इज़ाफ़ा हुआ है.
3-  छूट और विशेष ऑफर देने का चलन बढ़ा है. 
4- सिलेसिलाए कपड़ों को पहनने का क्रेज़ बढ़ा है.
इन्हीं सब वजहों से महिलाओं के ब्रांडेड कपड़ों का बाज़ार 20 फ़ीसदी विकास दर से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट में महिलाओं के कपड़े बाज़ार, उनके शापिंग बिहेवियर, ब्रांडेड कपड़ों का बढ़ता आकर्षण

कब से ऑनलाइन शॉपिंग पड़ेगी जेब पर भारी?


महिलाएं ऑनलाइन शॉपिंग की बहुत शौकीन होती हैं. ई-कॉमर्स कंपनियां आए दिन कोई न कोई सेल या महासेल का ऑफर देकर ग्राहकों को लुभाने की कोशिश करती हैं. छुट्टियों और फेस्टिवल सीजन में यह बढ़ जाता है. महिलाएं समय की बचत करने और बाजारों के चक्कर काटने से बचने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग पसंद करती हैं लेकिन जुलाई महीने से जीएसटी के लागू होने के कारण ऑनलाइन शॉपिंग अब उन्हें महंगी पड़ने वाली है.
कोरल रिसर्च सर्विस कंपनी की रिसर्च टीम में शामिल सौरव कहते है, ‘भारतीयों में ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड धीमी गति से प्रचलित हो रहा है. मगर महिलाएं इससे काफी जुड़ी हुई हैं. यह उनके लिए आसान भी है और कम पैसे और मेहनत में अच्छा सामान भी मिल जाता है. खासतौर पर फ़ेस्टिवसीजन आते ही ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर महिलाओं की रुचि बढ़ जाती है. लेकिन इस जुलाई से अब महिलाओं के लिए ऑनलाइन शॉपिंग का सौदा फायदेमंद नहीं होने वाला है.
दरअसल जीएसटी के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं दोनों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरुरी होगा. उन्हें किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी. पहले कर के दायरे में नहीं आने के कारण ऑनलाइन विक्रेता सस्ते में सामान बेच देते थे. अब ई-कॉमर्स कंपनियों का अनुमान है कि अब जो भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचना चाहेगा उसे एक फीसदी का कर देना पहले ही देना होगा. इस सब से सामानों के दाम बढ जाएंगे और लोगों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग करना सस्ता नहीं रहेगा. जीएसटी के तहत

Wednesday, June 28, 2017

दिल्ली वाले क्यों चाहते हैं कि पूरा देश सिर्फ उनके हिसाब से चले

दिल्ली के गोल्फ क्लब में पारंपरिक जैनसेम पहनकर गई मेघालयी महिला तलिन लिंगदोह के साथ जो शर्मनाक वाकया हुआ वो महिलाओं और अपनी संस्कृति के प्रति लोगों की रुढ़िवादी सोच को दिखाता है. कुछ लोग लोग आधुनिक और प्रगतिशील कहलाने के लिए अपनी संस्कृति और परंपराओं से मुंह मोड़ लेते हैं. यही वजह है कि महानगरों में लोग उन लोगों को देखकर अजीब सा मुंह बनाते हैं या उनके साथ भेदभाव करते हैं जो अपने पारंपरिक परिधानों में रहते हैं. लेकिन इसे पहनने वाली लोग खुद को गौरवान्वित और अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. जैसे दक्षिण भारत के लोग अपने परंपरागत लुंगी को पहनते हैं जैसा कि हम कई बड़े नेताओं को भी देख चुके हैं जैसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम हों या मौजूदा सूचना और प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडु.  इसी तरह महिलाएं भी अपने पारंपरिक ड्रेस को पहनकर गर्व, सहजता और आत्मविश्वास महसूस करती हैं.
पारंपरिक परिधान महिलाओं में न केवल आत्मविश्वास पैदा करताहै बल्कि यह हमारी विरासत से हमें जोड़ने का माध्यम भी है. देश के कई हिस्सों में साड़ी को महिलाओं की पंरपरागत ड्रेस के तौर पर देखा जाता है. इसी तरह नार्थ ईस्ट की महिलाएं आधुनिक ड्रेस के अलावा खूब शौक से अपने पारंपरिक ड्रेस को पहनती हैं. वे घर और बाहर के सारे काम भी इन्हीं कपड़ों में निबटाती हैं क्योंकि ये कपड़े उनकी संस्कृति और परंपरा में रचे-बसे हैं. इससे वे कंफर्टेबल और कांफिडेंट महसूस करती हैं. वे पूरे कांफिडेंस के साथ सार्वजनिक स्थानों और कार्यक्रमों में जाती हैं. फिर चाहे हम बात चैंपियन बॉक्सर और राज्यसभा सांसद मैरीकॉम की करें या अभिनेत्री पत्रलेखा की. सभी अपने पारंपरिक पहनावे को पसंद करती हैं. त्रिपुरा की दीपा करमाकर जिन्होंने रियो ओलंपिक में पहुंचकर भारतीय जिम्नास्टिक्स में एक नया इतिहास रचा उन्हें भी अपना पारंपरिक ड्रेस पहनना बहुत पसंद है.  मणिपुर की खिलाड़ी अनुराधा देवी, सुशीला चानू हो या तीरंदाजी में देश का नाम रोशन करने वाली मणिपुर की बोम्बायला देवी ये सब अपने पारंपरिक परिधानों में गर्व का अनुभव करती हैं.  

  North East  की महिलाओं के कुछ ख़ास पारंपरिक ड्रेस

1-मेघालय के पारंपरिक खासी जाति का परिधान  जैनसेम या धारा हैं. 
2-नागालैंड की महिलाओं में अंगामी और ‘ली’ काफी लोकप्रिय परिधान है.
3-वहीं मणिपुर और मेघालय के परिधान में ज्यादा अंतर नहीं है केवल रंगों का फर्क होता है. यहां की महिलाएं सिल्क के बने स्कार्फ यानी मुगा और नीचे फानेक पहनती हैं.
4-असम की महिलाएं परंपरागत मेखेला चादोर को

एक घूँघट सरकार भी निकाल ले, जनता के सामने आने से पहले..!!


प्रतिभा ज्योति
लगता है हरियाणा सरकार  का असल चेहरा सामने आने लगा है,दिखावे के लिए वो भले ही बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ की बात करती रहे या फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुश करने के लिए कोई कार्यक्रम लड़कियों के लिए करती रहे ,लेकिन उसकी सोच में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है .
 हरियाणा की बीजेपी सरकार के लिए लड़कियों  की शान घूंघट में रहने से ही है और घूंघट ही हरियाणा का शान भी है.  राज्य सरकार की एक पत्रिका में छपी तस्वीर पर विवाद शुरु हो गया है. तस्वीर के साथ लगे कैप्शन में घूंघटको राज्य की पहचानबताया गया है, जिससे विवाद पैदा हो गया है. राजनीतिक  हलकों और सोशल मीडिया पर लगातार उस विज्ञापन को लेकर सरकार की तीखी आलोचना हो रही है ,लेकिन सरकार ने अभी उस विज्ञापन को वापस नहीं लिया है.  
विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह भाजपा सरकार की

शबनम हाशमी ने क्यों लौटाया अपना AWARD


सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी में हरियाणा के बल्लभगढ़ में ट्रेन में एक मुस्लिम लड़के की पीट कर हत्या किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अवार्ड लौटा दिया है. उन्होंने यह अवार्ड 27 जून को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को लौटा दिया. उन्हें कांग्रेस की सरकार के समय 2008 में यह अवार्ड दिया गया था.  
वुमनिया से बातचीत में शबनम हाशमी ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों के विरोध में जिस तरह का माहौल बन रहा है और जिस तरह उन पर हमले हो रहे हैं, मुझे लगा कि विरोध करना जरुरी है. मुझे यह अवार्ड अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए दिया गया था लेकिन जब माहौल ही ऐसा नहीं है तो इस अवार्ड को रखने का कोई फायदा भी नहीं है. इसलिए मैंने इसे वापस कर दिया है.
उन्होंने कहा कि यह सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह फेल

Tuesday, June 27, 2017

Bank Account में अचानक पैसा आए तो Alert हो जाएं

अगर आपके बैंक एकाउंट में अचानक मोटी रक़म आ जाए जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है तो इसमें खुश होने वाली बात नहीं है. बल्कि इसकी जगह आपको चिंता करने की जरुरत है यह रकम आपके पास आई कैसे? हो सकता है कि किसी ने अपनी काली कमाई आपके एकाउंट में जमा करके बचने की कोशिश कर रहा हो. ऐसे में आपको तत्काल बैंक में शिकायत दर्ज करानी चाहिए क्योंकि इस तरह के मामलों में आयकर विभागग आपसे पूछताछ या कार्रवाई कर सकता है.  
दरअसल नवबंर 2016 में नोटबंदी के बाद से देश में इस तरह की घटनाएं बढ़ी है. कॉरपोरेशन बैंक में अधिकारी प्रियंका सहाय बताती हैं कि हाल के दिनों में इस तरह के आर्थिक अपराध बढ़े हैं. ऐसे मामले बैंकों के सामने आए हैं जिनमें काली कमाने वाले मोटी रकम जानबूझ किसी अंजान खाते में डाल दे रहे हैं, फिर कुछ दिनों में बैंक से अनुरोध कर उस रकम को निकालकर अपने खाते में डाल लेते हैं. इस तरह अंजान बैंक खाते से रुपयों के लेन-देन होने से काली कमाई के मामले उजागर होने से बच जाते हैं और काफी हद तक ब्लैकमनी व्हाइट मनी में बदल दिया जाता है. (ब्लैकमनी यानी जिसरकम पर टैक्स नहीं दिया गया हो या जिसके बारे में किसी भी तरह का ब्यौरा सरकार के रिकार्ड में नहीं हो) 
बैंक अधिकारी बताते हैं कि यह आयकर विभाग की आंखों में चालाकी से धूल झोंकने की कोशिश होती है. आमतौर पर ग्राहकों को इस बात की खुशी ज्यादा होती है कि उनके एकाउंट में अधिक रकम आने से उन्हें ब्याज ज्यादा मिलेगा लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं कि भविष्य में उन पर मुसीबत भी टूट सकती है. दरअसल आयकर

PM Res से दो किलोमीटर दूर भी नज़रिया बदलने को तैयार नहीं



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिलाओं को सम्मान देने और बेटियों को आगे बढ़ाने जैसी तमाम कोशिशें कारगर होती नज़र नहीं आ रही है क्योकिं समाज अपना नज़रिया बदलने को तैयार ही नहीं है. खासतौर से बात अगर औरतों की हो तो हमारी मर्द सोच और वो भी अमीर मर्द हों तो फिर किसी को कुछ नहीं समझने की आदत छोड़ने को तैयार नहीं हैं. किसी ना किसी बहाने से औरत को बेइज्ज़त करना कुछ लोगों का शगल सा लगता है .
दिल्ली के मशहूर गोल्फ क्लब में जो कुछ हुआ वो शर्मनाक है, लेकिन ना तो कोई उसकी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार है और ना ही किसी को दोषी मान कर उसके ख़िलाफ कोई कार्रवाई करने को राजी. हां देश के गृह राज्य मंत्री किरन रीजीजू ने जरुर इस मामले को जातीय भेदभाव बताते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक से जरुरी कार्रवाई करने को कहा है. रिजीजू से इस बात की शिकायत मेघालय के मुकुल संगमा ने की.
मेघालय की एक महिला को दिल्ली गॉल्फ क्लब के डाइनिंग रूम से निकल जाने को कहा गया. वो भी इसलिए क्योंकि महिला ने परंपरागत खासी परिधान ”जैनसेम ” पहन रखा था. क्लब के कर्मचारियों का मानना था कि वह ड्रैस मेड सर्वेन्ट यानी घर में काम करने वाली नौकरानी जैसी दिखती है.
तैयलिन लिंगदोह ने जैनसेम पहन रखा था जो परंपरागत तौर पर खासी समुदाय की महिलाएं पहनती हैं.  तैयलिन की कंपनी की ऑनर डॉ. निवेदिता बर्थाकुर सोंधी को 25 जून को दिल्ली गोल्फ क्लब में यहां के एक सदस्य ने आमंत्रित किया था. उनके साथ तैयलीन लिंगदोह भी वहां गई थी. तब वहां के दो कर्मचारी लिंगदोह के पास आए और उनसे कहा कि वह मेड जैसी दिख रही हैं इसलिए उन्हें वहां आने की इजाजत

जालसाजों के "TRAP" में तो नहीं आ गई आप?


रिया को किसी ने व्हाट्सएप के ज़रिए bank account details पाने वाले ख़ास नंबर के बारे में बताया. कहा गया कि अपने किसी भी बैंक खाते के बारे में वह इस नंबर से जानकारी हासिल कर सकती है. इतना सुनते ही उसने अपने खाते ता ब्यौरा व्हाट्सएप कर दिया लेकिन ऐसा करते ही वह जालसाज़ों के एक बड़े गैंग में फंस चुकी थी. किसी ने उसके खातों से रूपयों की अच्छी खासी चपत भी लगा दी.
अगर कोई आपको भी व्हाट्सअप पर bank account details जानने को उकसाता है और यह कहता है कि एक ख़ास नंबर पर बैंक खाते संबंधी ब्यौरा भेजकर सभी जानकारी हासिल की जा सकती है तो सावधान हो जाइए. निश्चित तौर पर कोई आपको अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है.
हाल के दिनों में इस तरह की घटनाओं पर आरबीआई ने बैंक ग्राहकों को सचेत किया है और बताया है कि आरबीआई के नकली logo के साथ एक एप all bank balance enquiry number के नाम से व्हाट्सएप किया जा रहा है, वह फ़र्ज़ी है. अगर कोई ग्राहक इस नंबर पर अपने बैंक खाते का ब्यौरा भेजता है तो इसके लिए बैंक या आरबीआई ज़िम्मेदार नहीं है. वही यह भी साफ़ किया है कि आरबीआई किसी से व्यक्तिगत तौर पर लेन देन नहीं करता है. इसलिए ऐसे किसी सूचना या सुविधा को नज़रअंदाज़ करें.
दरअसल बैंक खाता की जानकारी देने वाले व्हाट्सएप संदेश में सरकारी व निजी बैंकों के फ़र्ज़ी मोबाइल नंबर और काल सेंटर नम्बर भी दिये गये हैं. जिनपर बैंक ब्यौरा देने को कहा जाता है. जैसे ही बैंक संबंधी ज़रूरी जानकारी शेयर किया जाता है बैंक खाते से रूपए निकालने का रास्ता तैयार हो जाता है. इसी तरह आरबीआई के नाम पर क्रेडिट कार्ड की ब्रिक्री, मल्टी लेवल मार्केटिंग या पुरस्कार पाने वाले मेल से भी सचेत रहने को आगाह किया गया है.
आरबीआई ने यह भी कहा है कि अगर इंटरनेट बैंकिंग का ब्यौरा देने के लिए कोई मेल आरबीआई की तरफ़ से आता है ते यह ख़तरे का संकेत है. आरबीआई की ओर से ऐसे मेल नहीं किये जाते हैं. अगर ईमेल के ज़रिए लकी ड्रा में विदेशी कंपनी से इनाम जीतने या किसी आफर की विजेता बनने का मेल आए तो ऐसे किसी झांसे में फंसने की बजाए पुलिस या साइबर क्राइम आथरिटी में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.

Monday, June 26, 2017

वाह ,क्या कमाल कर दिखाया HARYANA की इस छोरी ने?

सितारों  भरी चमकती शाम के बीच मुंबई के यशराज फिल्म स्टूडियों में रविवार की रात एक शानदार कार्यक्रम में हरियाणा की Manushi Chhillar साल 2017 की फेमिना मिस इंडिया चुनी गईं हैं . मिस इंडिया चुने जाने के बाद सोनीपत की इस डॉक्टर ने सबसे पहले बात की महिलाओं की और कहा कि सरोगेसी पर पाबंदी लगाना बेमायने है. मानुषी ने अपनी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल से की है .
जम्मू कश्मीर की साना दुआ फर्स्ट रनर अप और बिहार की प्रियंका कुमारी सेंकड रनरअप रही. साना दुआ ने ट्रिपल तलाक को ख़त्म करने पर ज़ोर दिया. प्रतिभागियों को तीस दिनों के ट्रेनिंग के बाद प्रतियोगिता के आखिर में एक सवाल पूछा गया कि इन तीस दिनों का सबक क्या है? इस पर मानुषी ने जवाब दिया कि समझ आया है कि ज़िंदगी में सिर्फ़ अनिश्चतिता ही निश्चित है और मैं चाहूं तो दुनिया में बदलाव ला सकती हूं, दुनिया बदल सकती हूं. इस तरह दुनिया बदलने का भरोसा रखने वाली Manushi Chhillar की तकदीर पल भर में बदल गई उन्हें मिस इंडिया विजेता घोषित किया गया.
पिछले कई साल से मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स जैसे मुकाबलों में भारत की सुंदरियों को कई जगह नहीं मिल पाई है, लेकिन देश में मिस इंडिया और राज्यों और अलग-अलग शहरों होने वाले ब्यूटी कान्टेस्ट्स में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. इस बार के मिस फेमिना इंडिया कान्टेस्ट में

साड़ी पर हिजाब, SOCIAL MEDIA पर क्यों हुआ विवाद?


इंडियन मूल की ब्रिटिश फैशन डिज़ाइनर आयुष केजरीवाल इन दिनों सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स के निशाने पर हैं. आयुष की बनाई एक ड्रेस पर कुछ लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया है. दरअसल आयुष ने साड़ी और हिजाब को मिक्स करके एक ड्रेस बनाई और मॉडल को पहनाकर उसकी तस्वीर इन्स्टाग्राम पर पोस्ट कर दी जिसमें उन्होंने कैप्शन दिया ‘Hijabs are very Stylish’. 
आयुष को ऐसा करते कुछ समय भी नहीं बीता था कि लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. उनके अकाउंट पर कई हेट कमेंट्स पोस्ट कर उनकी आलोचना करनी शुरू कर दी. लोगों ने उनकी ड्रेस को धर्म से जोड़ना शुरू कर दिया और देखते ही देखते पोस्ट वायरल हो गई.
ऐसे-ऐसे कमेंट्स आए…
कुछ सोशल मीडिया ट्रोलर्स ने लिखा कि साड़ी हिंदू महिलाओं की पहचान है, इसपर हिजाब डालकर हिन्दुओं को नींचा दिखाने की कोशिश की जा रही है. डिज़ाइनर ने हिजाब को ज्यादा और साड़ी को ज्यादा महत्व दिया है और ऐसा करके डिज़ाइनर ने हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं के साथ धोखा किया है.
एक और यूजर ने लिखा, हमारे ब्यूटीफुल इंडियन कल्चर पर इस्लामिक कल्चर हावी करने की कोशिश नहीं करो.
आयुष ने भी दिया करारा जवाब…
जब हद से ज्यादा इस ड्रेस को लेकर विवाद होने लगा तो आयुष ने कमेन्ट करते हुए लिखा, ‘मैं किसी धर्म विशेष की भावना को आहत नहीं करना चाहता हूं, मेरे अकाउंट पर धर्म को लेकर नफरत फैलाने वाले, गाली-गलौज कर धमकाने वालों और ट्रोलबाजी करके माहौल ख़राब करने वालों के लिए कोई जगह नहीं. जियो और जीने दो. किसी के पहनावे पर कमेन्ट करने वाला कोई नहीं होता, कोई ये तय नहीं कर सकता कि किसको क्या पहनना चाहिए इसलिए अपनी गंदी सोच अपने पास रखें तो बेहतर है. मैं आपसे निवेदन करता हूं कि ऐसी घटिया बातें यहां न करें तो बेहतर है क्योंकि मैं ऐसी नॉनसेन्स बर्दाश्त नहीं कर सकता.’
आयुष ने ट्रोलिंग करने वालों को करारा जवाब देकर अपने अकाउंट से कमेन्ट disable कर दिए. वैसे नेगेटिव कमेंट्स के अलावा कुछ लोगों ने आयुष के इस ड्रेस क्रिएशन की तारीफ भी की है. कुछ डिज़ाइनर्स ने उन्हें बधाई देते कहा है कि कुछ नया करने के लिए आयुष हमेशा आगे रहने वालों में से हैं. वह अक्सर साड़ी के यूनिक डिज़ाइन बनाकर फेमस हो चुके हैं, उम्मीद है वो ट्रोलिंग से निडर रहकर बेहतरीन काम करते रहेंगे.

Saturday, June 24, 2017

बिहार की चंचल को क्यों हारने दी आपने ज़िंदगी की दौड़ ?


प्रतिभा ज्योति
एसिड अटैक सर्वाइवर चंचल पासवान ने इस क्रूर समाज को आखिर छोड़ दिया. बिहार में पटना के पास दानापुर के छितनामा गांव की बहादुर लड़की चंचल पासवान ने 22 जून को आखिरी सांस ली .अपने पर एसिड से हुए हमले और अन्याय के ख़िलाफ़ चंचल पांच साल तक लड़ती रही, लेकिन उसके अपराधियों को वो सज़ा नहीं मिल पाई जो मिलनी चाहिए थी . चंचल के पिता शैलेश पासवान ने कहा कि वो आखिरी दम तक बहादुरी से लड़ती रही,लेकिन अब मैं हार गया हूं .
मेरी किताब एसिड वाली लड़की पर काम करते हुए चंचल से मुलाकात हुई थी.मैं उससे मिलने उसके घर दानापुर भी गई थी ,लेकिन उससे अहम बात ये कि जब किताब रिलीज हुई तो वो बहादुर लड़की एक हज़ार किलोमीटर का सफर पार करके दिल्ली आ गई थी .उस समारोह में भी चंचल ने कहा था कि उसकी और एसिड अटैक के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वालों की असली जीत तब होगी जब समाज में फिर से किसी को चंचल ना बनना पड़े.
चंचल अपने नाम से विपरीत गंभीर स्वभाव की थी और नपढ़,गरीब मजदूर परिवार की उस बेटी की सपना था कम्प्यूटर इंजीनियर बनना, वो कम्प्यूटर कोर्स भी कर रही थी. उसकी बहन सोनाली और चंचल दोनों शिद्दत से अपनी जिंदगी के अंधेरे को दूर करने में लगे थे,लेकिन मौहल्ले के चार लड़कों के लिए तो वो सिर्फ एक लड़की , एक जवान शरीर थी .एक लड़के ने उससे शादी करने कि जिद की,उसने मना कर दिया क्योंकि वो पढ़ना चाहती थी.उसकी इस ना का अंजाम हुआ उस पर एसिड अटैक .
2012 में अक्टूबर की हल्की सर्द रातों में दुर्गा पूजा के उत्सव की गर्माहट महसूस हो रही थी. 21 अक्टूबर की रात जब वो अपने घर की छत पर बहन सोनाली के साथ सो रही थी ,तो वो चारों लड़के आए और दो ने उसके हाथ पैर पकड़े, मुंह दबाया और एक ने बोतल से निकाल कर कटोरे में भर कर उस पर एसिड उंडेल दिया.लगा कि खौलता हुआ तेल उस पर उंडेला जा रहा है .उसके चिल्लाने की आवाज़ से सुनकर जब पिता शैलेश पासवान और मॉं सुनयना जब तक छत पर भागे तो देखा, चंचल बुरी तरह छटपटा रही थी .उसके चेहरे से धुंआ निकल रहा था .जैसे मोमबत्ती पिघलती है,उस तरह चंचल का चेहरा और पूरा शरीर पिघल रहा था .दूसरी बहन सोनम का बी हाथ और सीना जख्मी हो गया था. आंगन में लिटा कर बाल्टी भर भर कर पानी डाल तपिश कम करने की कोशिश की ..उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ.पिता मदद के लिए मोहल्ले की तरफ भागे,लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया.मानो पूरा मोहल्ला बुत बन गया था.ज़िंदा शरीरों के बुतों का मौहल्ला. वो उन्हें अस्पताल लेकर भागे ..भागते रहे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल. पटना के सबसे बड़े पीएमसीएच अस्पताल पहुंचे ,उसे आईसीयू में रखना ज़रूरी था ,लेकिन दो ज़िंदा इंसानों को मुर्दाघर में रखा गया क्योंकि आईसीयू सिर्फ वीवीआईपी लोगों के लिए होता है.
लंबी लड़ाई लड़ी मॉ-पिता ,चंचल और सोनम ने कुछ एनजीओ ने साथ दिया , कानूनी लड़ाई भी लड़ी . थोड़ी मदद मिली, तोड़ी नहीं मिली. बिहार के एनजीओ परिवर्तन केन्द्रकी वर्षा जावलेगकर और दिल्ली में एसिड अटैक कैंपेन चलाने वाले आलोक दीक्षित ने मदद की .चंचल के वकील सुरेश प्रसाद मिश्रा कानूनी लड़ाई लड़ते रहे.लेकिन अदालत ने आरोपी को कम उम्र का मानते हुए एक साल की सज़ा दी ,बाल सुधार गृह में भेज दिया गया उसे और वो अब चंचल के घर के सामने से शान से निकलता है अंगूठा दिखाते हुए, चरमराती न्याय व्यवस्था को और गिलगले समाज को,  लेकिन गांव वालों ने उसके जज़्बे को भले ही सलाम नहीं किया हो,मगर बहादुर चंचल फिर से कालेज जाने लगी थी.
चंचल तो अब नहीं है ,अब भी अगर आप जाग गए हैं, आपकी और हमारी आत्मा हमे कचोट रही है तो बस इतनी कोशिश कीजिए कि अब फिर किसी को चंचल की तरह से ना गुजरना पड़े .फिर कोई चंचल नहीं बने .
याद रखिए चंचल हमेशा दूसरे या पड़ौसी के घर की लड़की नहीं होती ,वो आपके घर में भी हो सकती है,यह चेतावनी है तो आप सिर्फ मोमबत्ती मत जलाइए दिल्ली के राजपथ और इंडिया गेट पर.खड़े होइए ,बोलिए, लड़िए, मदद कीजिए और कोशिश कीजिए कि फिर ऐसी कहानी ना लिखनी पड़े.

क्या कोई इंडियन एमपी संसद में ऐसे ब्रेस्टफीड करा सकती है ?



ऑस्ट्रेलियाई सांसद लेरिजा वाटर्स ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए प्रस्ताव पेश करने वाली पहली सांसद बन गई हैं. ऐसा कर उन्होंने इतिहास रच दिया है. ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन पार्टी की मेम्बर लेरीजा को दरअसल कोयला खदान में काम करने वाले मजदूरों में होने वाली फेफड़ों की बीमारी से सम्बंधित एक प्रस्ताव पेश करना था. इसी दौरान उन्हें अपनी तीन महीने की बेटी आलिया को ब्रेस्टफीड भी कराना था. ऐसे में लेरिजा ने दोनों काम साथ-साथ किए. वह खड़े होकर प्रस्ताव पेश करने का भाषण भी देती रहीं और आलिया को ब्रेस्टफीड भी कराती रहीं. 
ऐसा करते हुए उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है साथ ही कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें संसद में मौजूद बाकी मेम्बर्स उनकी बेटी के साथ खेलते हुए दिख रहे हैं. 

संसद में पहले भी करा चुकी हैं ब्रेस्टफीडिंग
इसी साल मई में लेरिजा संसद में ब्रेस्टफीडिंग कराने की वजह से सुर्ख़ियों में आ चुकी हैं. दरअसल बेटी के जन्म के केवल दस हफ्ते बाद ही लेरिजा काम पर लौट आई थीं. संसद लौटने पर उन्होंने बेटी को वहीं ब्रेस्टफीडिंग कराई थी और उसकी तस्वीर ट्विटर पर शेयर कर चर्चा में आ गई थीं. 
लेरिजा ने लड़ी लड़ाई
फरवरी 2016  से पहले तक ऑस्ट्रेलिया संसद में बच्चों को ले जाने की अनुमति नहीं थी. चाहे महिला हो या पुरुष, वह ऐसा नहीं कर सकते थे लेकिन नियम बदले गए और फिर फरवरी 2016  के बाद से इसकी अनुमति दे दी गई. इस नियम में महिलाएं कार्यस्थल पर बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग भी करा सकती हैं और ऐसा करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता है. लेरिजा ने ही इस नियम को बनाने की मांग की थी. उस वक्त लेरिजा ने कहा था अगर हम संसद में और युवा महिलाएं चाहते हैं तो हमें नियम और उदार बनाने चाहिए, ताकि हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली मां और पिता सांसद बच्चों की परवरिश की अपनी भूमिका में और सामंजस्य बना सकें.
 ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांओं को एक प्रॉक्सी वोट दिया गया था. इसके बाद ऑस्ट्रेलियन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने भी इस कानून को अनुमति दे दी थी. इसपर लेरिजा की सहयोगी सांसद कैटी गालाघर ने कहा था, ‘ये ऐसा पल है जिसके लिए हमें लेरिजा को धन्यवाद देना चाहिए. ऐसा दुनिया के सभी देशों की महिलाएं संसद में कर सकती हैं. इस पल को संसद में देखकर काफी अच्छा लगा. इससे महिलाएं अपने बच्चे को जॉब के दौरान अपने साथ ले जाने और वहां उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित होंगी.
आपको बता दें कि पहली बार इसी तरह का कानून पिछले साल आइसलैंड की संसद ने भी बनाया था. यहां महिला सांसद उन्नूर ब्रा कोनाराओस्दोत्तिर ने अपनी छह हफ्ते की बेटी को संसद में स्पीच के दौरान ब्रेस्टफीड कराया था. इसके अलावा संसद में स्तनपान कराने का नियम स्पेन और यूरोपियन पार्लियामेंट में पहले से ही है. 


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