Saturday, November 21, 2015

book on vajpayee- (3) 


वित्त मंत्री बनने वाले जसवंत सिंह के लिए 18-19 मार्च की दरमियानी रात राजनीतिक तौर पर कत्ल की रात थी ।... वाजपेयी ने लिस्ट बनाते वक्त अपने हाथ से कितने नाम काटे , कितने जोड़े , कितनी बार बदले गए और क्यों बदले गए .....

डिनर टेबल पर बैठे ही थे कि वाजपेयी की बेटी नमिता ने आकर बताया कि संघ प्रमुख सुदर्शन जी मिलने  आए हैं । इतनी ही देर में सुदर्शन जी अंदर तक आ गए। कंचन उठ कर बाहर चले गए। 15-20 मिनट बात हुई । सुदर्शन जी के जाने के बाद वाजपेयी ने कंचन दासगुप्त से कहा कि आपको सूची दोबारा बनानी पड़ेगी । 



इस सूची में से जसवंत सिंह जी  और प्रमोद महाजन का नाम हटाना पड़ेगा । फिर से शक्ति सिन्हा को बुलाया गया , उन्होंने दोबारा सूची तैयार की और रात को दस बजे फिर से राष्ट्रपति भवन में सचिव गोपाल गांधी को सौंपी गई

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