Monday, July 15, 2013

rahat indori shayar- रहनुमा चलाता है








ये लोग पांव नहीं जेहन से अपाहिज हैं ,
उधर चलेंगें, जिधर रहनुमा चलाता है ।।
                                  - राहत इन्दौरी

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