Wednesday, July 31, 2013

touch the feet ,save the job दुश्मन से भी खुद्दारी की उम्मीद


विजय त्रिवेदी 


नौकरी बचानी है, तो पैर छूते रहिए


 लगता है  कि आईएएस अफसर  दुर्गाशक्ति नागपाल को उसकी ईमानदारी की सजा जब यूपी सरकार ने दी तो अखिलेश सरकार ने ठीक ही किया क्योंकि जिस सरकार में अफसर नेताओं के पैर छूते हैं वहां नेताओं के खिलाफ काम करने वालों को सबक सिखाना तो सरकार के

Tuesday, July 30, 2013

Beautiful photos -by Manoj Chhabra


खूबसूरती कैमरे में नहीं ,नज़र में होती है ,
यकीन नहीं तो कुछ खूबसूरत फोटो देखिए,
मेरे बेहतरीन और पुराने मित्र मनोज छाबड़ा  की नज़र से ,
जो टाइम्स आफ इंडिया लखनऊ में अपनी जादूगरी दिखा रहे हैं ।




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Monday, July 29, 2013

show on Arunima sinha- नज़रें आसमां पर, पैर जमीं पर

मेरे बेहतरीन दोस्त विमल मोहन का शो -हौसले बुलंद - एवरेस्ट पर पहुंचने वाली अरुणिमा सिन्हा पर,
खूबसूरत और inspiring show on NDTV India,
http://www.youtube.com/watch?v=xMKtuXPVo9Y

suspension of IAS officer- जो सच बोलेंगें, मारे जाएंगे


विजय त्रिवेदी

ईमानदार अफसर हैं तो सज़ा भुगतिए
........................................................
जो सच बोलेंगे, वो मारे जाएंगें
 यूपी के ग्रेटर नोएडा की आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड करने को लेकर भले ही यूपी की आईएएस एसोसिएशन उनके समर्थन में सामने आ गई हो ,लेकिन ऐसे ईमानदार अफसरों की कहानियों की कमी नहीं है जिन्हें सरकार के गुस्से का निशाना बनना पड़ा हो ।दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड कर राजनेता ये संदेश देना चाहते हैं कि झुक जाइए, वरना .....

Saturday, July 27, 2013

rahat indori -तुम चाकू पर धार करो



तूफानों से आंख मिलाओ,सैलाबों पर वार करो,
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो 
                                                   - राहत इन्दौरी 

तुमको तुम्हारा फर्ज़ मुबारक
हमको मुबारक अपना सुलूक

हम फूलों की शाख तराशें ,
तुम चाकू पर धार करो 

Thursday, July 25, 2013

exclusive intv wd pt Birju Maharaj- ज़िंदगी तो नाच ही है


विजय त्रिवेदी
फोटो- गणेश बिष्ट
नृत्य सम्राट पंडित बिरजू महाराज से
 ख़ास मुलाकात

ज़िंदगी तो नाच ही है 

उनकी मुस्कराहट में  नाच है , उनकी आंखों में नृत्य का भाव है , बोलते हैं तो लगता है मानो शब्द नाच रहे हों , हाथ हिलते नहीं, नाचते हैं ,
अंगुलियों में थिरकन है ,सांसों में लय है ,भाव में गीत है , मौन में संगीत है ,वो कथाकार हैं, चित्रकार हैं, संगीतकार हैं ,दुर्लभ सा कलाकार जो ज़िंदगी को भले ही नाच कहता हो ,लेकिन नाच को जिसने ज़िंदगी बना लिया ।

 परिचय के , अलंकारों के वो मोहताज नहीं ,लेकिन परिचय पूछो तो बोले- छोटी सी बांसुरी कहती है -
मैं जंगल की लाकड़ी ,नहीं कोऊ है मोल,

Tuesday, July 23, 2013

shatrughan says -कद है ,पद नहीं



shatrughan sinha says- मेरे पास

कद है,पद नहीं है,

लेकिन महाराज आपकी पार्टी तो सिर्फ पद की

 परिक्रमा करती है .

Monday, July 22, 2013


विजय त्रिवेदी
अहमदाबाद की अमरीन हिमानी से खास बातचीत

चिड़िया नहीं, खु़द को बाज़ मानिए

लड़की है तो क्या हुआ, आर्थिक तौर पर कमज़ोर है तो क्या, पिछड़े इलाके में रहती है तो क्या फर्क पड़ता है , मां बाप ठेला चलाते हैं तो उससे क्या हुआ 

।उसे सपने देखने से कौन रोक सकता है ,सपनों की उड़ान भरने से, पंख फैलाने से कोई रोके भी तो क्या , जब तय कर लिया तो फिर सपने पूरे होकर ही रहते हैं क्योंकि फाइटर हमेशा जीतता है । कोई डर उसे रोक नहीं सकता क्योंकि डर के आगे जीत है ।

 कुछ लोग उसे चिड़िया समझते रहे होंगें ,लेकिन वो तो उड़ती गई अपने

Sunday, July 21, 2013

Basheer Badr- जिसको गले लगा लिया

                                बशीर बद्र 


                  कोई हाथ भी ना मिलाएगा,जो गले मिलोगे तपाक से 
                  ये नये मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो 
                                 .............

                         अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया 
                         जिसको गले लगा लिया वो दूर हो गया ।।

Wednesday, July 17, 2013

zuban sambal ke -चलाओ ना बाण रे


विजय त्रिवेदी

चलाओ ना बाण रे .....

पिछले दिनों हिमेश रेशमिया का एक गाना बड़ा हिट हुआ था - चलाओ ना नैनो से बाण रे , जान ले लो रे,जान रे ,लेकिन आजकल हिंदुस्तान की राजनीति में ज़ुबानी बाणों की बरसात हो रही है और हर कोई बिना देखे चारों तरफ बाण चला रहा है । उनके जवाब में चारों तरफ से बाण चल रहे हैं । बाण चलते हैं तो भले ही बिना निशाने के चलाए गए हों , कुछ ना कुछ लोग तो घायल हो ही जाते हैं , सो घायल हो रहे हैं और इससे खुद को तीरंदाज़ मानने वाले लोग अपनी पीठ

Monday, July 15, 2013

rahat indori shayar- रहनुमा चलाता है








ये लोग पांव नहीं जेहन से अपाहिज हैं ,
उधर चलेंगें, जिधर रहनुमा चलाता है ।।
                                  - राहत इन्दौरी

fmr CEC N Gopalaswami- exclusive intv



 

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वामी से खास बातचीत
खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी नहीं मारेंगें राजनेता

सिद्धान्त और नियमों पर चलना उनकी विशिष्ट पहचान है । बेखौफ़ प्रोफेशनल और ज़िंदगी भर राजनीतिक आकाओं यानी पालिटिकल मास्टर्स से दूरी बनाए रखने की वजह से शायद ही किसी राजनेता की कभी हिम्मत पड़ी हो कि उन्हें अपने इशारों पर चला सके या कोई नियम विरुद्ध आदेश दे सके ।चौड़े ललाट पर तिलक , कुछ खुद को सेक्यूलर ताकत मानने वालों को परेशान करता रहा और उन्हें निशाने पर बनाए रखा लेकिन उनके किसी फैसले पर अंगुली उठाने की हिम्मत नहीं हुई ।मुल्क में जम्हूरियत को मज़बूत करने में अहम हिस्सा रहे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वामी बंदूक के साए में चुनावों से खुश

Saturday, July 13, 2013

javed akhtar -वो दिलों में आग लगाएगा




             वो दिलों में आग लगाएगा,मैं दिलों की आग बुझाऊंगा।
             उसे अपने काम से काम है, मुझे अपने काम से काम है ।
                                                                      -जावेद अख्तर 

Friday, July 12, 2013

Modi ko gussa kyon aata hai ?


मोदी को गुस्सा क्यों आता है 
http://khabar.ndtv.com/video/show/news/132188
Gujarat's CM  Narendra Modi Interview on 30th April ,2009 ,
he had no answer on Gujarat riots.pls see

cant contest from jail



जेल से चुनाव नहीं लड़ सकते


Upholding a Patna High Court decision, the Supreme Court had said that if a jailed person can't vote, a jailed person is not qualified to contest elections either. The verdict means that a jailed politician can't contest even if there's no conviction or chargesheet, which, many politicians say, could open a can of worms.

The verdict has raised concerns about misuse by the police or a party in power for score-settling.

Monday, July 8, 2013

exclusive intv wd Ajay maken -मोदी से डरने का सवाल नहीं


विजय त्रिवेदी

कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी अजय माकन से मुलाक़ात
मोदी से डरने का सवाल नहीं
 

कांग्रेस का नौजवान चेहरा ,तेजतर्रार, आकर्षक लेकिन आक्रामक,ज़ुबान में मिठास लेकिन हमलावर, तेज़ी के साथ चौकन्नापन , विरोधी दलों पर निगाह ,अपने दल की बात दमदार तरीके से आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी ।कांग्रेस आलाकमान ने शायद इसीलिए पिछले प्रभारी जनार्दन दिवेदी से 20 साल कम उम्र के युवा कांग्रेसी को महासचिव के साथ मीडिया की ज़िम्मेदारी सौंप दी क्योंकि अगली चुनावी लड़ाई का अहम हिस्सा होगा मीडिया ।ग्रेजूएशन से पहले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ का अध्यक्ष, सिर्फ 39 साल की उम्र में

Saturday, July 6, 2013

at President house

With Hon President


at President house on the occasion of presentation of the  first copy of  Dr Gulab Kathari's book
 "Re Manwa Re" on 5th July,2013 at 7pm.











Thursday, July 4, 2013

interview wd Jean derze -वोटों की भूख से



वोटों की भूख से गरीबों की भूख मिटे तो बुरा क्या है


विजय त्रिवेदी

सोशल एक्टिविस्ट जान द्राज़...., जो समाज की गड़बड़ियों और कमज़ोरियों से ना तो घबराते हैं और ना सिर्फ आलोचना करते हैं ,लेकिन लगातार कोशिश में रहते हैं उन्हें सुधार कर समाज को रहने लायक बनाने में । द्रा़ज. यूं जन्मे तो दूरदराज़ बेल्जियम में ,लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान को ही अपना घर बना लिया ।

 यूपीए सरकार की सबसे अहम दो योजनाओं की मूल स्वप्न जान ने देखा - पहली नरेगा और दूसरी खाद्य सुरक्षा योजना यानी फूड सिक्योरिटी । इस योजना को कांग्रेस के लिए अगले आम चुनाव का सबसे अहम एजेंडा माना जा रहा है ।

Wednesday, July 3, 2013

photos of Uttarakhand by shailendra pande


देवभूमि में तबाही 


 मेरे मित्र और राजस्थान पत्रिका के फोटो एडिटर शेलैन्द्र पांडे  एक सप्ताह उत्तराखंड में बिता कर लौटे है ,तबाही उनके कैमरे की नज़र से -

ये कहां आ गए हम 
तबाही का मंज़र

Tuesday, July 2, 2013

hunger -मैं भी भूखा ना रहूं





विजय त्रिवेदी

मैं भी भूखा ना रहूं, साधू ना ….
स्टेंडअप कामेडियन राजू श्रीवास्तव खचाखच भरे आडिटोरियम में किस्सागोई करते हुए ज़िक्र कर रहे थे कि हमारे यहां हिंदुस्तान में शादियों और समारोहों में लोग खाने की प्लेट को रेलगाड़ी के जनरल डिब्बे की तरह भर लेते हैं जिसमें दही बड़े पर गुलाबजामुन रखा हुआ है और पनीर की सब्जी के साथ रबड़ी मिली हुई है ,फिर जितना खाया खा लिया , बाकी प्लेट यूं ही भरी हुई छोड़ दी ।

आमतौर पर एक समारोह में डिनर में आजकल चालीस से पचास डिशेज होती हैं मानो पेट नहीं गोदाम हो जिसे हर किसी को भर लेना हो , फिर एक समारोह में पांच सौ से हज़ार लोग खाना खा रहे होते हैं वहां करीब एक सौ लोगों का खाना बच जाता है , जो यूं ही बेकार जाता है ,लेकिन क्या हम वाकई इस बात के लिए परेशान होते हैं ।
बहुत से लोग तो इसमें अपनी शान समझते हैं कि

sher- rahat indori

                  तूफानों से आंख मिलाओ,सैलाबों पर वार करो,
                  मल्लाहों का चक्कर छोड़ो,तैर कर दरिया पार करो ।
                                                                     - राहत इन्दौरी 

Monday, July 1, 2013

poem by Gulzar saheb,जो रिश्ते बनते थे

क़िताबें  झांकती हैं बंद आलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं 
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती 
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं ...

मगर वो जो उन किताबों में मिला करते थे 
सूखे फूल और महके हुए रुक्के 
क़िताबें मांगने,गिरने,उठाने के बहाने 
              जो रिश्ते बनते थे 
अब उनका क्या होगा ......।

सलाम , गुलज़ार साहेब

varun gandhi exlusive interview


विजय त्रिवेदी


बीजेपी के युवा महासचिव वरुण गांधी से खास मुलाकात

सिर्फ एक चेहरे से देश नहीं जीता जा सकता

नेहरु -गांधी परिवार से जुड़े हैं ,लेकिन विरासत का टैग चिपका हुआ नहीं है ।गांधी परिवार की बपौती माने जाने वाली पार्टी कांग्रेस के साथ नहीं है , बीजेपी में हैं।किसी भी राष्ट्रीय पार्टी में सबसे कम उम्र के महासचिव बने हैं ,33 साल की उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव ।
 नौजवानों जैसी एनर्जी है,लेकिन लगता है कि अभी हाथ बंधे हुए से हैं । दिल्ली के पाश इलाके ज़ोर बाग की कोठी के खूबसूरती से सजा करीनेदार ड्राईंगरुम में ।सरकारी आवास  से बार बार फोन की घंटी बज रही है , कार्यकर्ता इंतज़ार कर रहे हैं ।

 संजय गांधी और मेनका के बेटे वरुण गांधी के पास कहने और करने के लिए बहुत कुछ है ,शायद इसीलिए बैठ कर बातचीत करना उनके लिए मुश्किल लगता है ,लेकिन सिल्वर स्पून राजनेता को राजनीति की खुरदरी ज़मीन महसूस होने लगी है ।

सवाल-सबसे कम उम्र में बीजेपी जैसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी का महासचिव बनने के लिए मुबारकबाद ,लेकिन गांधी परिवार का नाम काम आया वरना इस उम्र में तो प्रदेश में भी नंबर नहीं आता लोगों का ।

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